A. आरक्षण:-
राज्य
सरकार द्वारा
निर्धारित
आरक्षण नीति के
अनुसार
अनुसूचित
जाति,
अनुसूचित जन
जाति, अन्य
पिछड़ा वर्ग व
अन्य वर्गों
को आरक्षण का
लाभ देय होगा।
इसके
अतिरिक्त
निम्न
श्रेणियों का
आरक्षण क्षैतिज
(Horizontal)
रूप
से लागू होगा
अर्थात चयनित
अभ्यर्थी जिस
वर्ग का होगा
उसमें उसे
समायोजित
किया जावेगा,
जो निम्न
प्रकार होगा:-
|
क्रम
संख्या |
वर्ग |
कुल |
|
2 |
विकलांग |
3 |
|
3 |
भूतपूर्व
सैनिक/ शहीद
सैनिक
आश्रित |
5 |
नोट:
1.
विधवा/ विवाह
विच्छिन्न
महिलाओं के
अतिरिक्त
अन्य महिलाओं
का आरक्षण
क्षैतिज (Horizontal) रूप
से लागू होगा।
2.
महिलाओं हेतु
कुल आरक्षित
सीटों की 10
प्रतिशत
सीटें
विधवाओं/
विवाह
विच्छिन्न
महिलाओं हेतु
आरक्षित
होंगी।
3.
राज्य एवं राज्य से बाहर
के भूतपूर्व
सैनिक के
आश्रितों के
बच्चों को
बी.एड. पाठ्यक्रम
में
उपरोक्तानुसार
5 प्रतिशत
आरक्षण देय
होगा।
4. निःशक्तजनों
को कुल सीटों
के 3 प्रतिशत
क्षैतिज (Horizontal)
आरक्षण का लाभ
दिये जाने
हेतु एक जिले
में निःशक्तजनों
की उपलब्ध कुल
सीटों में से
निम्नलिखित
श्रेणी के
निःशक्तजनों
के लिये प्रत्येक
श्रेणी हेतु 1%
सीटे आरक्षित
रखी जाकर इसे व्यावहारिक
रूप से लागू
किया जावे।
1.
अन्धता या
निम्न (कम)
दृष्टि।
2.
श्रवण शक्ति
की क्षीणता।
3. गति
विषयक
निःशक्तता या
मस्तिष्क
सम्बन्धी फालिज
(सेरिब्रल पलसी)
5.
टाडा/ सहरिया
वर्ग के लिये
पृथक से लिये
गये विकल्पों
के आधार पर
परिणाम घोषित
कर कट प्वाइंट
जारी किये
जायेंगे।
आरक्षित क्षेत्र
में स्थित
महाविद्यालयों
की सूची वेबसाईट
पर उपलब्ध
कराई जायेगी
ताकि छात्र
आरक्षण के
अनुसार
प्रवेश हेतु
विकल्प दे
सके।
6.
सहरिया
क्षेत्र में
स्थित बी.एड.
महाविद्यालयों
में 25 प्रतिशत
सीटें बारां
जिले की शाहाबाद
एवं किशनगंज
तहसीलों में
निवास करने
वाले स्थानीय
सहरिया जाति
के
अभ्यर्थियों
से भरी जावें
शेष 75 प्रतिशत
सामान्य
आरक्षण
नियमों के
अनुसार भरी
जायेगी।
7.
जनजाति
उपयोजना
क्षेत्र में
स्थित
महाविद्यालयों
के अंतर्गत
प्रवेश हेतु
निर्धारित
सीटों में से 45
प्रतिशत
सीटें जनजाति
उपयोजना
क्षेत्र में
अनुसूचित
जनजाति/ आदिम
जाति के निवास
करने वाले स्थानीय
अभ्यर्थियों
से भरी
जावेंगी तथा 5
प्रतिशत
अनुसूचित
जाति एवं 50
प्रतिशत
सामान्य वर्ग
के लिये होगी।
8.
राज्य सरकार
द्वारा नवीनीकरण
किये गये
महाविद्यालयों,
संस्थाओं में
उल्लेखित
सीटों की
संख्या
राष्ट्रीय
अध्यापक
शिक्षा परिषद
(एन.सी.टी.ई.)
जयपुर के
अनुमोदन के
आधार पर ही
प्रवेश किया
जा सकेगा।
9.
महिला शिक्षक
प्रशिक्षण
संस्थाओं में
केवल महिलाओं
को ही
नियमानुसार
प्रवेश दिया
जायेगा। सह
शिक्षा की
संस्थाओं में
महिलाओं के
लिये न्यूनतम
20 प्रतिशत
सीटें
आरक्षित होगी
लेकिन पुरूषों
की सीट पर
महिलाओं
द्वारा
महाविद्यालय
के विकल्प
दिये जाने एवं
सीट उपलब्ध
होने की
स्थिति में
मेरिट के आधार
पर प्रवेश
दिया जा सकेगा।
10. सामान्य श्रेणी में चयनित आरक्षित वर्ग के आवेदक से सामान्य या आरक्षित वर्ग का लाभ लिये जाने का विकल्प लेकर लाभ दिया जावें, परंतु प्रवेश वरीयता की मूल सूची माननीय उच्च न्यायालय द्वारा इस सम्बन्ध में डी.बी. स्पेशल याचिका संख्या 1442/1999 में दिये गये निर्णय दिनांक 17.10.2002 के आधार पर ही बनाई जावे। इस निर्णय का सारांश निम्न प्रकार है:-That Meritorious Students of Reserved Category Falling in The Merit of General Category Cannot be Treated as against the Reserved Category Meaning Thereby That They Will be Treated as General Category and Such Candidates Will not be Counted as Against The Reserved Category Candidates.
इस
प्रकार
आरक्षित वर्ग
का अभ्यर्थी
सामान्य
मेरिट मे आने
पर उसे
सामान्य वर्ग
की सीट पर ही
प्रवेश दिया
जायेगा।
11. एक
बार
काउन्सलिंग
होने के
पश्चात
आवंटित महाविद्यालय
आवंटन के सम्बन्ध
में संशोधन
नहीं किया
जायेगा।
B. कानूनी
विवादों के
सम्बन्ध में
स्पष्टीकरण:-
माननीय
न्यायालयों
के आदेशों की
पालना में यदि
किसी आवेदक को
प्रवेश दिया
जाता है तो
वरीयता में
सबसे कनिष्ठ
अभ्यर्थी का
प्रवेश रद्द कर
उसके स्थान पर
प्रवेश दिया
जावेगा
क्योंकि सीटों
की संख्या
निश्चित है।