बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु दिशा निर्देश:

 

प्रदेश हेतु पात्रता:-

1. इस पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु राजस्थान राज्य के मूल निवासी पात्र होंगे, परंतु प्रवेश क्षमता की अधिकतम 5 सीटों पर राज्य से बाहर के आवेदकों को मेरिट से प्रवेश दिया जा सकेगा, बशर्ते राजस्थान से बाहर के आवेदकों की मेरिट किसी विशेष श्रेणी में राजस्थान के अंतिम प्रविष्ट आवेदक की मेरिट (कटऑफ) से कम नही हो।

2. शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शैक्षणिक योग्यता राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मापदण्डानुसार होनी अनिवार्य है तथा प्रवेश के लिये आरक्षण राज्य सरकार के नियमानुसार होगा।

3. प्रवेश हेतु आवेदक को भारतीय डाक के माध्यम से सूचना भिजवाई जायेगी तथा, समाचार पत्रों, वेबसाईट के माध्यम से प्रवेश सम्बन्धित विभिन्न चरणों की सूचनायें उपलब्ध कराई जायेंगी। ऑनलाईन काउंसलिंग के माध्यम से विद्यालयों का चयन उपलब्ध सीट के अनुसार महाविद्यालयवार प्रवेश किया जायेगा। अभ्यार्थी द्वारा दिये गये विकल्पों में सीट उपलब्ध नहीं होने पर Anywhere का विकल्प दिये जाने पर रेंडमली रिक्त सीटों में से महाविद्यालय का आवंटन किया जायेगा।

 

प्रवेश हेतु शैक्षणिक योग्यताएँ:-

1. एनसीटीई के मापदण्डानुसार सत्र 2010-11 के लिये शिक्षण प्रशिक्षण संस्थाओं में बी.एड. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु विधि मान्य विश्वविद्यालयों से स्नातक/ स्नातकोतर परीक्षा में अथवा समकक्ष में न्यूनतम अंक प्रतिशत विभिन्न वर्गों के लिये निम्नानुसार होंगे: लेकिन एनसीटीई द्वारा समय-समय पर प्रवेश हेतु न्यूनतम अंको की पात्रता में परिवर्तन होने पर उसके अनुरूप ही परिवर्तन किया जायेगा। सत्र 2010-11 में बी.एड. हेतु न्यूनतम अंक  50  प्रतिशत स्नातक/ स्नातकोत्तर परीक्षा में अनिवार्य है।


शिक्षक/शिक्षा पाठ्यक्रम

सामान्य     

अनु.जाति/जनजाति     

ओबीसी     

विकलांग     

विधवा,तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं

बी.एड. पाठ्यक्रम

50% 

45%

45% 

45% 

41%

 

2. बी.एड पाठ्यक्रम में भाग लेने हेतु अभ्यर्थी द्वारा प्रवेश पूर्व परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी की उपलब्धता नहीं होने पर राज्य सरकार द्वारा दी गई शिथिलन के अनुसार प्रवेश किये जा सकेंगे।

3. स्नातक/ स्नातकोत्तर की अंक तालिका के आधार पर प्रतिशत अंको की गणना की जायेगी।

4. जो आवेदक वर्ष 2010 में स्नातक/ स्नातकोत्तर की अंतिम वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं वे भी आवेदन करने हेतु पात्र होंगे, परंतु उन्हे काउंसलिंग के समय पात्रता की सभी शर्तो को पूर्ण करना अनिवार्य होगा।   

शारीरिक अयोग्यता:-

ऐसे आवेदक, जिनमें शारीरिक दोष हो, जो उसके द्वारा सम्पादित किये जाने वाले अध्यापन कार्य में बाधा हो (जैसे गूंगा होना, बोलने में असमर्थ होना, नितांत बहरा होना, दोनों हाथों का नहीं होना, जिससे श्यामपट्ट पर कार्य नहीं कर सके, दोनों पैरों का नहीं होना जिससे कक्षा में खड़ा नहीं हो सके आदि) इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के पात्र नहीं होंगे। उपरोक्त के अतिरिक्त अन्धे व अन्य विकलांग के पात्र होंगे।

 

अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र:-

1. आवेदक को राज्य के मूल निवासी (बोनाफाईड) होने का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा, जो प्रथम श्रेणी जिला मजिस्ट्रेट/ एस.डी.एम/ तहसीलदार के द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जारी किया गया हो वही मान्य होगा एवं आवेदन पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि से पूर्व का होना चाहिये।

2. विवाहित महिला के राजस्थान का मूल निवासी होने के प्रमाण पत्र हेतु उसके पेशंट के मूल निवास का प्रमाण पत्र एवं विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मान्य होगा। इस हेतु महिला आवेदक को पत्नि होने का प्रमाण पत्र दस रूपये के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पर मजिस्ट्रेट/ नोटरी पब्लिक से प्रमाणित करवा कर अपने पति के मूल निवास प्रमाण-पत्र के साथ देना अनिवार्य होगा। लेकिन ऐसी महिला अभ्यर्थी मेरिट में आने पर काउंसलिंग के समय अपना विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगी तभी उसे प्रवेश दिया जा सकेगा।

3. राजस्थान के अनुसुचित जाति/ जनजाति/ टाडा/ सहरिया के प्रमाण पत्र एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये प्रमाण-पत्र सक्षम अधिकारी (कम से कम तहसीलदार) द्वारा जारी किया गया हो एवं उसमें राजस्थान के मूल निवासी होने का उल्लेख हो तो वह जाति प्रमाण-पत्र दोनों के लिये मान्य होगा। यदि जाति प्रमाण-पत्र में राजस्थान के मूल निवास का उल्लेख नहीं है तो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी राजस्थान के मूल निवास का प्रमाण-पत्र अलग से निर्धारित प्रपत्र के अनुसार  देना होगा।

4. अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बन्धित आय प्रमाण पत्र 6 माह से अधिक पुराना मान्य नहीं होगा।

5. अभ्यर्थी द्वारा स्नातक/ स्नातकोत्तर परीक्षा के अंतर्गत दो शैक्षिक विषय होने आवश्यक है। शैक्षिक विषयों का निर्धारण माध्यमिक शिक्षा/ विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर पर अध्यन किये गये विषयों के समूह के अनुसार निर्धारण किया जायेगा।